शस्त्र पूजन को बताया नारी शक्ति, सांस्कृतिक स्वाभिमान और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक आदर्श, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस ..
रायपुर, राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक (एसपी) एवं आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा की विजयादशमी पर शस्त्र पूजन के दौरान की गई हवाई फायरिंग को लेकर उठे विवाद के बीच अब श्री पंच दशानन जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर एवं पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अंकिता शर्मा का वीडियो साझा करते हुए उनके शस्त्र पूजन को भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का प्रेरक उदाहरण बताया है। वहीं, इस मामले में पुलिस मुख्यालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस जारी है।
‘नारी शक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का प्रतीक’ –
अवधेशानंद गिरी महाराज ने अपने पोस्ट में कहा कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा द्वारा शस्त्र पूजन के माध्यम से नारी शक्ति, सांस्कृतिक स्वाभिमान और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक आदर्श प्रस्तुत किया गया है। साड़ी पहनकर श्रद्धापूर्वक शस्त्र पूजन करती महिला पुलिस अधिकारी का स्वरूप भारतीय संस्कृति, नारी गरिमा और राष्ट्ररक्षा के संकल्प की सुंदर अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में नारी शक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप समृद्धि, ज्ञान, विवेक, अन्याय के प्रतिकार और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं। देवी द्वारा आसुरी शक्तियों के संहार की परंपरा यह संदेश देती है कि शक्ति का सर्वोच्च उद्देश्य धर्म की प्रतिष्ठा, निर्बलों की रक्षा और लोकमंगल है।
‘आलोचनाओं के बीच भी गरिमा बनाए रखना प्रशंसनीय’ –
महाराज ने कहा कि अंकिता शर्मा का शस्त्र पूजन इस बात का प्रतीक है कि नारी संस्कृति और श्रद्धा की संवाहिका होने के साथ-साथ समाज की सजग एवं साहसी रक्षिका भी है। उनका यह स्वरूप उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो आत्मविश्वास, विवेक और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आलोचनाओं के बीच भी अपनी आस्था और आचरण की गरिमा बनाए रखना प्रशंसनीय है। भगवती उन्हें अदम्य साहस, अपूर्व सामर्थ्य और लोकसेवा के लिए अनंत शक्ति प्रदान करें। उनका यह प्रयास नारी गरिमा, राष्ट्ररक्षा और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरक आदर्श बने।
सोशल मीडिया पर समर्थन और बहस तेज –
अवधेशानंद गिरी महाराज की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर अंकिता शर्मा के समर्थन में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इसी बीच अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा सिविल ड्रेस में हवाई फायरिंग किए जाने के बताए जा रहे फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं। इससे शस्त्र पूजन के दौरान हवाई फायरिंग को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
हालांकि, शस्त्र पूजन की सांस्कृतिक परंपरा और हवाई फायरिंग की प्रक्रिया से जुड़े नियम-कानून दो अलग-अलग विषय हैं। अंकिता शर्मा की हवाई फायरिंग को लेकर उठे सवालों तथा पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी नोटिस के संदर्भ में विभागीय पक्ष और नियमानुसार प्रक्रिया भी इस मामले के महत्वपूर्ण पहलू हैं।