60 उपार्जन केंद्रों में होगी धान खरीदी, छह नए केंद्रों में भी मिलेगी सुविधा ,
बिचौलियों पर रहेगी कड़ी निगरानी, समय पर उठाव और परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश ..
सूरजपुर, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीदी की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी होनी चाहिए। वास्तविक किसानों को शासन की व्यवस्था का लाभ दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा बिचौलियों की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों, उपार्जन समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों को खरीदी शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर सहित खाद्य विभाग, जिला विपणन विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
60 केंद्रों में होगी खरीदी, छह नए केंद्र शामिल –
जिले में इस वर्ष कुल 60 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की जाएगी। इनमें तिवारागुड़ी, रामतीर्थ, बड़सरा, बुंदिया, जजावल और दुलदुली के छह नवीन उपार्जन केंद्र शामिल हैं। कलेक्टर ने सभी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक संसाधन और किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर सूचना पटल के माध्यम से जरूरी जानकारियां प्रदर्शित की जाएं तथा शासन के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
टोकन से तौल तक किसानों को न हो परेशानी –
कलेक्टर रेना जमील ने किसान पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपार्जन केंद्रों में मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और बायोमेट्रिक मशीन सहित सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि टोकन जारी करने से लेकर धान की तौल तक किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उपार्जन केंद्रों की मैपिंग से जुड़ी समस्याओं का निराकरण खरीदी प्रारंभ होने से पहले किया जाए। विकासखंड स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी निर्धारित समय में पूरा किया जाए, ताकि खरीदी के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।
धान का उठाव और परिवहन समय पर करने के निर्देश –
कलेक्टर ने उपार्जित धान के समय पर उठाव और संग्रहण केंद्रों तक परिवहन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में धान का अनावश्यक भंडारण नहीं होना चाहिए। इसके लिए परिवहन और संग्रहण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि खरीदी कार्य प्रभावित न हो। मौसम में बदलाव की स्थिति को देखते हुए धान को बारिश एवं अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षित रखने के लिए भी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
बिचौलियों पर निगरानी, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता –
धान खरीदी के दौरान अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर ने सीमावर्ती चेक पोस्ट और संवेदनशील उपार्जन केंद्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को दलालों एवं बिचौलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में पिछले वर्ष के धान उठाव और कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
पंचायतों में चस्पा होगी किसानों की ऋण सूची –
बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने किसानों की ऋण सूची पंचायत स्तर पर चस्पा करने और मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति होने पर संबंधित किसान तहसील अथवा अनुविभाग स्तर पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से धान खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी करने तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखते हुए वास्तविक किसानों को उनका हक दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।