ग्राम पंचायतों में मुनादी और घर-घर संपर्क कर किसानों को दी जाएगी जानकारी, समय-सीमा में रकबा मिलान के निर्देश ..
सक्ती, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें एग्रीस्टेक पंजीयन, किसानों के पंजीकृत रकबे और वास्तविक रकबे में अंतर सहित धान खरीदी की प्रारंभिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर जयश्री जैन ने एग्रीस्टेक पंजीयन के दौरान सामने आ रहे रकबे संबंधी अंतर को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पंजीकृत रकबे और वास्तविक रकबे में अंतर है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित सहकारी समिति कार्यालय, ग्राम पंचायत और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में चस्पा की जाए, ताकि किसानों को समय रहते इसकी जानकारी मिल सके और वे अपने रकबे का मिलान करा सकें।
मुनादी कर किसानों तक पहुंचाई जाएगी सूचना –
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सचिवों और कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराने के निर्देश दिए, ताकि रकबे में अंतर से प्रभावित किसानों तक सूचना पहुंच सके। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को किसानों से घर-घर संपर्क कर रकबे से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेने तथा वास्तविक रकबे की सही प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसानों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग दिया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
समय पर समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश –
कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि पंजीकृत और वास्तविक रकबे में किसी भी तरह का अंतर या त्रुटि सामने आने पर संबंधित समिति को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे निर्धारित समय-सीमा में रकबा मिलान की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी और धान खरीदी के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों के रकबे से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए आवश्यक प्रारंभिक व्यवस्थाएं निर्धारित समय में पूरी की जाएं, ताकि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बैठक में खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों सहित समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर तथा धान खरीदी कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।